............क्योंकि मैं सोंचता हूँ.
Sunday, 13 October 2013
कविता ने कवि से लाकर पाठक को क्या दिया ?
कविता ने कवि से लाकर पाठक को क्या दिया ?
जो भी दिया सरकार मेरे अहसास हीं तो था.
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