यह दीवानापन नहीं उद्देश्य तेरा
और ना हीं हम है कायल
प्यार में मरने के हरगिज।
******
जो सहज हो जिन्दगी उससे बना लो,
यह नहीं कि चीज
जो बिकती नहीं
हम जिद उसी की ठान बैठें।
हम स्वयं के लिए जीते है
मगर
कुछ और भी सध जाय तो अच्छा वही है।
********
खुल सको तो खुलो, कह दो
यह रही पसंद तेरी,
मगर जिद तो नहीं अच्छी
क्योकि दृष्टि दूर तक
तेरी अभी जाती नहीं है।
********
अभी बचपन है तुम्हारा संग तेरे
और उद्बुद कामना है
इसलिए इस पल किसी को चाहना बिलकुल मना है।
और ना हीं हम है कायल
प्यार में मरने के हरगिज।
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जो सहज हो जिन्दगी उससे बना लो,
यह नहीं कि चीज
जो बिकती नहीं
हम जिद उसी की ठान बैठें।
हम स्वयं के लिए जीते है
मगर
कुछ और भी सध जाय तो अच्छा वही है।
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खुल सको तो खुलो, कह दो
यह रही पसंद तेरी,
मगर जिद तो नहीं अच्छी
क्योकि दृष्टि दूर तक
तेरी अभी जाती नहीं है।
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अभी बचपन है तुम्हारा संग तेरे
और उद्बुद कामना है
इसलिए इस पल किसी को चाहना बिलकुल मना है।
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